🇰🇷 दक्षिण कोरिया — गुरुवार, 9 अप्रैल 2026
रोचक घटनाओं को एक स्थानीय निवासी की नज़र से देखा।
प्रकाशित — 12 अप्रैल, 6:13 pm (local) · 12 अप्रैल, 9:13 am (UTC)
संपादक · सियोल में 7 साल से काम करने वाले एक विदेशी कंपनी के कर्मचारी
सियोल
बादल
वर्षा 10%
यूवी 5
कार्यस्थल पर बर्बरता: एअरगन का दुरुपयोग
एक कंपनी के मालिक द्वारा एअरगन का उपयोग कर कर्मचारी को गंभीर रूप से घायल करने का मामला सामने आया है। पीड़ित के अनुसार, आरोपी मालिक उसकी पीड़ा को देखकर हंसा करता था। यह मामला बेहद चिंताजनक है और कॉर्पोरेट संस्कृति की आड़ में छिपी क्रूरता को दर्शाता है।
संपादक टिप्पणी
इसे पढ़कर रोंगटे खड़े हो गए। हम सभ्य समाज में रहने का दावा करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की मानसिकता अभी भी आदिम युग जैसी है। उम्मीद है कि कानून इन पर सख्त कार्रवाई करेगा।
राष्ट्रपति की नई घोषणा: कॉर्पोरेट रियल एस्टेट पर दबाव
राष्ट्रपति ने घोषणा की है कि सरकार उन कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए संपत्ति कर और अन्य बोझों की समीक्षा करेगी जो अपनी जमीन का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नहीं कर रही हैं। इसके अलावा, 비정규직(अस्थायी) कर्मचारियों के वेतन और शर्तों को सुधारने के लिए नई नीतियों के संकेत दिए गए हैं।
संपादक टिप्पणी
सियोल में ऑफिस स्पेस और प्रॉपर्टी की कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं। अगर सरकार 'खाली पड़ी' संपत्तियों पर दबाव बढ़ाती है, तो शायद रियल एस्टेट मार्केट में थोड़ा बदलाव देखने को मिले।
श्रम कानून का असर: कूपंग सीएलएस (Coupang CLS) पर फैसला
'नो란봉투법'(येलो एनवलप एक्ट) के लागू होने के बाद, पहली बार श्रम बातचीत की इकाई (bargaining unit) को अलग करने की मांग को खारिज कर दिया गया है। कूपंग सीएलएस सहित चार कंपनियों की इस संबंध में याचिकाएं ठुकरा दी गई हैं।
संपादक टिप्पणी
श्रम कानूनों का यह नया मोड़ काफी दिलचस्प है। कंपनियां अपनी जवाबदेही से बचने के लिए जो तरीके अपना रही थीं, उन पर लगाम लगने की उम्मीद है।
सियोल में शिक्षा और करियर मेले
삼육대(Sahmyook University) द्वारा आयोजित जॉब फेस्टिवल में 5,000 से अधिक छात्र शामिल हुए, जो अब तक का रिकॉर्ड है। वहीं, सुंगसिल विश्वविद्यालय (Soongsil University) अब उच्च विद्यालयों के साथ मिलकर क्रेडिट सिस्टम आधारित कार्यक्रम शुरू कर रहा है।
संपादक टिप्पणी
सियोल के युवाओं का तनाव साफ दिखता है। इतने भारी संख्या में जॉब फेयर में भीड़ जुटना इस बात का प्रमाण है कि नौकरी का बाजार कितना प्रतिस्पर्धी हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय तनाव और इराक-इजराइल संकट
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, कोरिया सरकार ने ईरान में एक विशेष दूत भेजने का निर्णय लिया है। विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत के बाद यह कदम उठाया गया है ताकि कोरियाई हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
संपादक टिप्पणी
सियोल में बैठे-बैठे हमें लगता है कि दुनिया दूर है, लेकिन ये भू-राजनीतिक उथल-पुथल सीधे हमारी विनिमय दर (exchange rate) और तेल की कीमतों पर असर डालती हैं। सावधानी जरूरी है।
संदर्भ मीडिया: 한겨레 뉴스
